11 आयुर्वेदिक आदतें आपको उम्रभर रखेंगी स्वस्थ्य, रोग रहेंगे आपसे कोसो दूर

आयुर्वेद दुनिया को भारत द्वारा दिया गया है एक अद्भुत गिफ्ट है। Ayurved का जन्म भारत में आज से लगभग पांच हज़ार साल पहले हुआ था। ayurvedic दिनचर्या अपना कर हम अपने जीवन को स्वस्थ्य और निरोगी बना कर रख सकते है। Ayurved पर अबतक बहुत सारी पुस्तके लिखी जा चुकी जिसमे दैनिक दिनचर्या कैसी हो इसका अच्छे से जिक्र मिलता है। Ayurved की बहुत सारी खासियतों में से एक है इसका सरल और कम कीमत में घरेलु उपचार। अधिकतर बीमारिया जिनसे दैनिक जीवन में लोग ग्रसित रहते है उनका बड़ी ही आसानी से घर पर ही इलाज किया जा सकता है।

आयुर्वेद ayurved कुछ मूल सिद्धांत पर काम करता है, ayurved के अनुसार सबके शरीर की प्रकृति अलग-अलग होती है, और किसी भी व्यक्ति को कोई बीमारी तब होती है जब वात (vat), पित्त(Pitta), या कफ(kapha) में से कोई भी एक या एक से अधिक असंतुलित हो जाता है। किसी भी व्यक्ति को स्वस्थ्य रहने के लिए ये आवश्यक है की वो इन तीनो को संतुलित करके चले। सामान्य जीवन में इनमे असंतुलन तब होता है जब हम अपने जीवन शैली को गलत कर लेते है चाहे वो खाने, पहनावे, स्ट्रेस, या गलत अदातो के स्तर पर ही क्यों न हो। फिट और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने से न केवल शरीर बल्कि मन भी शांत रहता है और इस से पूरे दिन काम करने के लिए आवश्यक ऊर्जा भी मिलती रहती है। इसके अलावा आयुर्वेद ayurved केमिकल्स (chemicals) से निर्मित उत्पादों से भी बचने की भी सलाह देता है इसके अनुसार वात (vat), पित्त(Pitta), या कफ(kapha) में असंतुलन के लिए केमिकल्स (chemicals) से निर्मित उत्पादों की भी एक अहम भूमिका है। Ayurved के अनुसार, यदि अच्छी आदतों को रोजमर्रा के जीवन में शामिल कर लिया जाए तो ayurved हमें एक बेहतर लाइफ की तरफ ले के जा सकता है। आज हम आपको आयुर्वेद के दृष्टिकोण से वो 11 हेल्‍दी healthy आदतों के बारे में बताएँगे जिन्हे अपना कर आप भी अपने जीवन को बेहतर बना सकते है।

1. सुबह सूर्योदय से पहले उठना – Wake up early in the morning

Morning

एक हेल्दी लाइफ जीने के लिए बहुत जरूरी है की आप रोज सवेरे जल्दी उठे। कोशिश हमेशा ये होनी चाहिए की आप सूर्यादय से कम से कम एक घंटा पहले उठे और अपने दिन की शुरुआत सूर्य नमस्कार surya namaskar और योग yoga के साथ करे। ये काम रोजाना करने से आप खुद में एक पॉजिटिव चेंज पाएंगे, आपको अपने अंदर इस चीज़ को बैठाना है की रोज सवेरे सूर्य से पहले उठकर कुछ देर वॉक पर जाना है। ऐसा प्रतिदिन करने पर आपको निश्चित अपने स्वस्थ्य में तरक्की देखने को मिलेगा और साथ ही आप खुद को बेहतर महसूस करेंगे इसके अलावा आप दिनभर के काम को करने के लिए पूरी तरह से रिचार्ज भी हो जायेंगे।

2. खाना ठीक से चबाना – Chewing food properly

आजकल की भाग-दौड़ भरी ज़िन्दगी में लोग इतने ज्यादा बिजी busy हो चुके है की वो जिस चीज़ के लिए भाग-दौड़ कर रहे है उसी को बड़ी ही आसानी से ignore कर देते है। खासकर शहरो में ये ज्यादा देखने को मिलता है की लोग अपने खान-पान पर कम ध्यान देते है और अपने खाने को जल्द से जल्द ख़त्म कर के अपने काम पर निकल जाते है। एक स्वस्थ्य जीवन के लिए ये बहुत आवश्यक है की खाने को हमेशा आराम-आराम से और चबा-चबा कर खाना चाहिए क्यूंकि जल्दबाज़ी में भोजन करने से भोजन पेट में जाता है और फिर पेट को उसको पचाने के लिए बहुत अधिक मेहनत करनी पड़ती है क्यूंकि पेट खाने को पहले छोटे-छोटे टुकड़ो में तोड़ता है फिर पाचन क्रिया स्टार्ट होती है लेकिन व्यक्ति द्वारा खाना न चबा कर खाने से इस प्रक्रिया में अधिक समय लगता है और खाना सही तरीके से नहीं पच पाता है, इस कारण से वो खाना पेट में जा कर सड़ने लगता है। इसलिए हमेशा से खाने को आराम- आराम से खाये।

3. जब आप उदास, चिंतित, परेशान, संतुलन से बाहर, या गुस्से में हो तो खाने से बचें – Avoid eating when you’re angry, sad, anxious, disturbed, out of balance

आयुर्वेद Ayurved के अनुसार कभी भी आपको तब भोजन नहीं करना चाहिए जब आप उदास, चिंतित, परेशान, संतुलन से बाहर, या गुस्से में हो ऐसा करने पर आपको खाने का फायदा कम और नुक्सान अधिक होगा। ऐसी कोई भी परिस्थिति आने पर हमेशा पहले सामान्य हो जाना चाहिए उसके बाद ही भोजन करना चाहिए। आजकल ये भी केस बहुत देखने को मिलता है जब लोग अपनी अलग अलग परेशानी से झूझ रहे होते है फिर भी अपने खाने की आदतों में सुधर नहीं करते है। हमेशा ऐसी किसी भी तरह की गलती करने से बचें।

4. उपभोग की जाने वाली सामग्री का प्रकार – Type of content we consume

आज जब सब कुछ एक क्लिक पर उपलब्ध और इस दौर में हर कोई अपने कम्फर्ट जोन से बाहर निकने बिना , और कुछ सोचे समझे बिना बाजार में उपलब्ध हर वस्तु को अपनी रसोई का हिस्सा बना लेता है। आजकल बाजार में ऐसी बहुत सी चीज़े मिलती है जिसमे chemicals की बहुत ज्यादा मात्रा होती है जो हमारे स्वस्थ्य पर सीधा असर डालती है फिर भी ऐसी चीज़ो को बिना कुछ सोचे समझे लोग उपयोग करते है।

ayurved के अनुसार, हमेशा किसी भी प्रकार के भोजन का उपभोग तब करना चाहिए जब वो ताज़ी अवस्था में हो, लेकिन बाज़ारो में उपलब्ध अधिकतर सामान बहुत पहले बना होता है जिस कारण वो शरीर पर दीर्घकाल में बुरा असर डालते है। इसलिए कभी भी अपने खाने पीने में उसका चुनाव करे, जो ताज़ा हो।

5. नियमित रूप से व्यायाम करना – Doing exercise regularly

जीवन में व्यायाम का बहुत महत्त्व है, जिस प्रकार से शरीर का पालन पोषण करने के लिए भोजन की आवश्यकता होती है उसी प्रकार से रोजाना व्यायाम करने से शारीरिक तंदरुस्ती बनी रहती है। आयुर्वेद में व्यायाम को बहुत महत्व दिया जाता है। अलग अलग प्रकार के दोषो को दूर करने के लिए हम अलग अलग प्रकार के आसान और व्यायाम को अपना सकते है जो हमें स्वस्थ रहने में मदद करते है साथ ही साथ योग yog को भी अपनाना एक बेहतर विकल्प हो सकता है, जो बहुत सारी बीमारियों से बचाता है।

6. खाना खाने के बाद कभी भी पानी न पिएं – Never drink water after eating

Drink Water

खाना खाने के बाद एक सामान्य आदत जो सबमे होती है वो है पानी पीने की आदात, लेकिन बहुत कम लोग जानते है की खाना खाने के बाद पानी नहीं पीना चाहिए कम से कम आधे घंटे तक, ऐसा इसलिए कहा जाता है क्यूंकि खाना खाने के बाद यदि पानी पीया जाये तो वो पेट में जा कर खाने को सड़ाता है। जब भी खाना खाया जाता है तो पेट में जठर अग्नि प्रज्वलित होती है जो खाने को पचाती है लेकिन पानी पीने के कारण वो अग्नि बुझ जाती है जिस से खाना पेट में सड़ने लगता है, इसलिए खाना खाने के आधे घंटे पहले और खाने के आधे घंटे बाद तक पानी नहीं पीना चाहिए।

7. रात में पर्याप्त नींद लें – Get enough sleep at night

काम के दबाब के कारण आजकल लोगो की जीवन शैली में बहुत ही ज्यादा परिवर्तन देखने को मिलता है वो अपनी वर्क लाइफ work life और पर्सनल लाइफ personal life को मैनेज नहीं कर पाते है जिस कारण से उन्हें कई तरह की परेशानियों से दो चार होना पड़ता है उन्ही परेशानियों में से एक है अपर्याप्त नींद की समस्या। यदि रात में प्रयाप्त नींद ली जाए तो जीवन में कई तरह की बीमारियों से छुटकारा मिल सकता है। बहुत सारी बीमारिया ऐसी है जो अधिक स्ट्रेस से होती है और स्ट्रेस नींद में खलल डालता है जिस से नींद पूरी नहीं हो पाती। इसलिए सुखी और निरोगी होने के लिए प्रयाप्त नींद लेना भी आवश्यक है।

8. औषधि के रूप में मसाले – Spices as medicine

यूं तो भारत में मसलो का इस्तेमाल खाने को स्वादिस्ट बनाने के लिए किया जाता है लेकिन जाने अनजाने में जो लोग इन मसलो का उपयोग एक सही मात्रा में रोजाना करते है वो अपने आप को कई बीमारियों से सुरक्षित रखते है। भारत के मसाले तो बहुत पुराने जमाने से ही मशहूर है , दूर दूर से लोग इनको खरीदने आते थे और आज भी भारत में मसलो का बहुत अधिक प्रयोग होता है। हल्दी turmeric मसलो में एक बेहद ही ज़बरदस्त चीज है जो एक anti septic, anti inflammatory और anti bacterial के रूप में बहुत प्रयोग में लायी जाती है इसके साथ ही इसका उपयोग कट लग जाने की स्थिति में भी किया जाता है। इसके अलावा रसोईघर में और भी बहुत तरह के मसाले मौजूद  है जिनका  उपयोग हम अपनी दैनिक स्वस्थ्य सम्बन्धी ज़रूरतों के लिए कर सकते है।

9. घूंट-घूंट और बैठकर पानी पीना – Sit and sip drinking-water

Ayurved में जीवन को स्वस्थ रखने के बहुत सारे नियमो में से एक है, घूंट-घूंट और बैठकर पानी पीना। पुराने टाइम में जब भी कोई बच्चा खड़े होकर और जल्दबाज़ी में पानी पीता था, तो घर के बड़े-बूढ़े उसे ‘बैठकर और आराम आराम से पानी पीने’ के लिए कहते थे। ये ayurved का ही एक नियम है जिसके अनुसार यदि पानी को आराम-आराम से पिया जाए तो पानी को अधिक देर तक मुँह में रहने का समय मिलेगा जिस से वो ज्यादा मात्रा में लार ‘saliva’ को पेट में ले जाकर पेट की अम्लता ‘acidity ‘ को कम करके शरीर को स्वस्थ रखने में योगदान देगा। इसलिए कभी भी पानी को खड़े होकर और जल्दबाजी में न पिए।

10. स्वयं की मालिश करना – Self massage

Massage

जिस प्रकार से किसी मशीन को समय समय पर मैंटेनेंस की जरूरत होती है उसी प्रकार से शरीर को भी अधिक काम करने के पश्चात् आराम और मालिश की जरूरत होती है। इसलिए खुद को हष्ट-पुष्ट रखने के लिए स्वयं की मालिश करना कभी न भूले इस से आपकी थकान तो मिटेगी ही साथ ही आप तरोताज़ा रहेंगे और अपने काम पर ज्यादा एकाग्रता से ध्यान दे पाएंगे।

11. प्रतिदिन ध्यान करना – Meditate daily

Motivation

ध्यान और साधना ने बहुत लोगो की ज़िन्दगी बदली है और उन्हें बीमारियों से बचाया है। ध्यान यदि पूरे मन से लगतार कुछ समय तक किया जाये तो इसके बेहतर और अच्छे परिणाम देखने को मिलते है। ध्यान आपको आपकी समस्या से लड़ने की शक्ति प्रदान करता है, आपको एक नयी ताक़त देता है जिस से आप अपने भीतर एक नयी ऊर्जा पाते है जो आपको किसी भी तरह के नेगेटिव विचार से लड़ने में सहायता प्रदान करता है। इसलिए स्वस्थ रहने के लिए प्रतिदिन ध्यान करना बहुत ही आवश्यक है इस से आप पूरे दिन ऊर्जावान बने रहते है।

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