स्टूडेंट अपनी एकाग्रता बढ़ाने के लिए मेडिटेशन कैसे करे और मेडिटेशन के फायदे

आज के समय में प्रतिस्पर्धा बहुत अधिक बढ़ गयी है जिस से विद्यार्थियों पर पढाई का बहुत अधिक दबाब रहता है। जिस कारण उनके मानसिक स्वस्थ्य पर भी बुरा असर हो रहा है।  पढाई और अन्य कई तरह के सामाजिक और पारिवारिक कारणों के कारण उनकी कार्यक्षमता भी प्रभावित हो रही है साथ ही उनके विचार भी संकुचित होते जा रहे है। विद्यार्थी जीवन एक ऐसा जीवन होता है जिस में कुछ भी बड़ी आसानी से और जल्दी सीखा जा सकता है लेकिन आज के दौर में जहाँ सब तरफ ध्यान भटकाने वाली चीज़े मौजूद है वहां छात्रों को अपनी पढाई पर ध्यान लगाने में बहुत कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है ऐसे में meditation kaise kare aur uske fayde को जानना बहुत आवश्यक है ताकि विद्यार्थी अपनी पढाई में मन लगा सके और निश्चिन्त होकर पढ़े और अच्छे नंबर लाये।

इस लेख में हम मुख्य रूप से how to do meditation for students पर ध्यान केंद्रित करेंगे और उसी से सम्बंधित जानकारी देंगे। छात्रों के लिए मेडिटेशन (meditation) या ध्यान का अत्यधिक महत्व है क्यूंकि अगर कोई भी काम को ध्यान लगाकर किया जाये तो वो अच्छे से होता है। ऐसे में जो नए-नए है और पहली बार मेडिटेशन स्टार्ट करना चाहते है उनके लिए how to do meditation at home for beginners in hindi को समझना जरूरी है ताकि वो मेडिटेशन को अच्छे से कर पाए। इसके अलावा एक विद्यार्थी को ध्यान केंद्रित करने की कला का भी आना बहुत ज़रूरी है इसलिए how to do meditation at home to increase concentration को भी समझेंगे।

Table of Contents

मेडिटेशन क्या है? हिंदी में What is Meditation? in hindi

मेडिटेशन (Meditation) एक प्रकार का अभ्यास होता है जिसमे कोई व्यक्ति अपनी मानसिक स्वस्थ्य को बढ़ाने के लिए किसी ख़ास समय किसी ख़ास चीज़ पर फोकस करता है ताकि स्वयं की एकाग्रता को बढ़ा कर अधिक जागरूक हो सके। ऐसा करने से मन तो स्थिर होता ही है साथ ही साथ बुरे और बेकार के खयालो से छुटकारा पाने में भी सहूलियत मिलती है।

अधिकतर विद्यार्थी इस बात की शिकायत करते है की पढ़ते समय उनका ध्यान पढाई की तरफ न रहकर किसी अन्य वस्तु या जगह की तरफ भागता रहता है। ऐसा इसलिए होता है क्यूंकि आपका किसी काम पर एकाग्र बने रहने की शक्ति कमजोर है। आज के दौर में जहां हर तरफ बहुत सी ऐसे चीज़े उपलब्ध है जिस से मनोरंजन होता है और ध्यान भटकता है। ऐसे में ये तो स्वाभाविक है की मन इधर-उधर भागेगा ही, लेकिन आपको अपने मन को काबू में करना होगा ताकि आप पढाई में मन लगा सके। इसके अलावा बहुत से ऐसे लोग भी है जो इस बात से परेशान रहते है की उनका मन वर्तमान में न रहकर अतीत या भविष्य में ज्यादा रहता है और वो इस बात से बहुत परेशान रहते हैं।  ऐसे में अगर आप meditation kya hai और  meditation kaise kare aur uske fayde को समझ जाते है तो आप अपनी पढाई पर बहुत आसानी से ध्यान केंद्रित कर सकते हैं। साथ ही साथ इस से आपको बुरे विचारो (how to get rid of negative thoughts) से भी बचने का भी विकल्प मिल जायेगा।

पढाई करते समय बाधाएं – Obstacles while studying

पढाई करते समय मुख्य रूप से एक विद्यार्थी को इन चुनौतियों का सामना करना पड़ता है :-

  1. पढाई करते समय ध्यान का इधर उधर भटकना
  2. दिमाग का वर्तमान में रहने के वजाय अतीत और भविष्य की चिंता करना
  3. उपलब्ध साधनो के द्वारा ध्यान का भटकना
  4. एक स्थान पर अधिक देर बैठकर पढाई करना में तकलीफ

ध्यान करना को धार्मिक समझना – Misconception that meditation is religious

बहुत से लोगो में ये गलत धारणा बनी हुई है की मेडिटेशन (Meditation) कोई धार्मिक चीज़ होती है जिसको साधु-महात्मा किसी शांत और ख़ास जगह पर करते है। संभव है की आप भी इसी धारणा में विश्वास करते हो लेकिन बता दें की ऐसा बिलकुल नहीं है। मेडिटेशन का धर्म से कोई वास्ता नहीं है ये पूर्ण रूप से एक अभ्यास है जिसको कोई भी कर सकता है ताकि वो स्वयं को मानसिक रूप से और अधिक मजबूत कर सके और खुद को जागरूक बना सके।

मेडिटेशन में क्या करते हैं ? – What to do in meditation

अगर बात की जाए की meditation me kya karte hai तो इसका जवाब होगा की इसमें दिमाग को वर्तमान में रहने की प्रैक्टिस (practise) करवाई जाती है, ताकि दिमाग को और जागरूक करके, अपना फोकस बढाकर, अपने काम को पूरी एकाग्रता के साथ पूरा किया जा सके।  मेडिटेशन करते समय मुख्य रूप से किसी ख़ास वस्तु या स्वयं के भीतर अथवा अपनी साँसों पर ध्यान दिया जा सकता है। ऐसा रोजाना एक निश्चित समय पर किया जाये तो बहुत अच्छे नतीजे देखने की मिलते हैं। जागरूकता बढ़ाने का ये बहुत ही अच्छा तरीका है साथ ही इस से नेगेटिविटी (Negativity) से भी बचने में सहायता मिलती है।

माइंडफुलनेस मैडिटेशन क्या है ? हिंदी में – What is Mindfulness Meditation? in Hindi

दिमाग बहुत अधिक तेजी से इधर-उधर भागता है जिस कारण से किसी एक ख़ास काम पर ध्यान लगाने में बहुत दिक्कत होती है। खासकर अगर बात की जाए विद्यार्थियों की तो उनका तो ध्यान में रहना सबसे महत्वपूर्ण है ताकि वो अच्छे से अपनी पढाई पर ध्यान दे सके। इसलिए mindfulness meditation kya hai को समझना जरूरी है। इस से आपको, अपनी एकाग्रता को बढ़ने में मदद तो मिलती ही है साथ ही आप अपने आस-पास होने वाली घटनाओ के प्रति अधिक जागरूक हो जाते है।

यह एक ऐसा अभ्यास है जिसमे आप गतिमान विचारो को नियंत्रित करने का प्रयत्न करते है। इस अभ्यास को करने का मुख्य उद्देश्य अपनी रचनात्मकता को बढ़ाना तथा नेगेटिव (negative) और गलत विचारो से मुक्ति पाना है। Mindfulness Meditation में आपको अपनी साँसों पर ध्यान केंद्रित करना होता है साथ ही आपको अपनी बॉडी को बहुत ही सूक्ष्म स्तर पर समझने की कोशिश करनी होती है। Mindfulness Meditation का नियमित अभ्यास करने के लिए किसी भी ख़ास तरह की तैयारी की जरूरत नहीं होती है। इसके लिए आपको बस किसी शांत जगह पर आराम से बैठ जाना है, और इस अभ्यास को आरम्भ कर देना है।

मेडिटेशन कैसे करे ? हिंदी में – How to do meditation in hindi

एक बार जब आप  मेडिटेशन करने का फैसला कर लेते हैं तब सवाल उठता है की meditation kaise kare ताकि खुद को जागरूक करके अपनी रचनात्मकता को बढ़ा सके। ये करना बहुत महत्वपूर्ण है क्यूंकि Negative thinking और एकाग्रता को बढ़ाने का ये एक बहुत ही बेहतरीन और शानदार जरिया है। एक सवाल जो महत्वपूर्ण है वो है की meditation kab aur kaise kare इसमें आपको हमेशा सुबह या शाम का समय चुनना है ताकि आपके मन को ध्यान की अवस्था में जाने में कोई कठिनाई न हो। यहां पर हम आपको how to do meditation for students के साथ साथ how to do meditation at home step by step in hindi के बारे में भी विस्तार से जानकारी देंगे।

1. किसी शांत स्थान पर आराम से बैठना – Sit comfortably in a quiet place

जब से भी आप  मेडिटेशन स्टार्ट करना चाहते है, तो आपको सबसे पहले किसी ऐसे स्थान का चुनाव करना है जहां पर किसी भी तरह का शोर-शराबा न हो। बहुत लोग ऐसा भी प्रश्न करते है की ghar par meditation kaise kare तो इसके लिए आपको इस बात का पूरी गंभीरता से ध्यान रखना है की घर में किसी भी तरह की आवाज़ न हो ताकि आपको  मेडिटेशन करते समय परेशानी का सामना न करना पड़े और आप अपना ध्यान लगाकर बैठ सके। अगर आप अपने घर में ही comfortable हैं तो आप वहां भी मैडिटेशन करना आरम्भ कर सकते हैं। अन्य शब्दों में कहें तो आपको बस किसी ऐसी जगह पर बैठना है जहां आपको कोई भी परेशान न करे ताकि आप अपना ध्यान केंद्रित कर सके।

2. आंखें बंद करें और गहरी सांस लें और सांस छोड़ें – Close your eyes and deep breath in and breathe out

जब आप किसी अच्छे और शांत स्थान का चुनाव कर लेते हैं उसके बाद आपको उस स्थान पर बैठकर अपनी आँखों को बंद करना है तत्पश्चात आपको गहरी सांस लेनी है और कुछ देर रोककर उसको बहार निकल देना है। ऐसा करना महत्वपूर्ण इसलिए है क्यूंकि जब तक आपकी बॉडी में proper oxygen नहीं जायेगा तब तक आपको ध्यान की अवस्था को पाने में कठिनाई होगी। इसलिए आपको साँसों पर ध्यान केंद्रित कर, अपनी साँसों को 5-10 बार अंदर बाहर करना है। शुरुआत में आपका मन इधर-उधर भागेगा, लेकिन आपको फोकस बनाये रखना है।

3. अपनी सांसो या पेट के sensation को महसूस करना – Focus on the stomach sensation while doing this

इस अभ्यास को करते समय जब आप अपनी आँखों को बंद कर लेते है तब शुरुआत में आपका मन बहुत ज्यादा इधर-उधर जायेगा और आपको परेशान करेगा। लेकिन आपको भी उनको ignore करते जाना है और स्वयं के भीतर या तो साँसों पर या पेट पर ध्यान केंद्रित करने का अभ्यास करना है। जब आप नियमित रूप से ध्यान करने लगते हैं तब आपको धीरे-धीरे स्वयं को संतुलित करना आ जाता है और ध्यान के दौरान आपका मन भी विचारो को कम करने लगता है।

4. शुरुआत में मन में बहुत अधिक विचार आते हैं – Too many thoughts come to mind in the beginning

जब आप एक बार मेडिटेशन शुरू कर देते हैं तब शुरुआत में बहुत अधिक विचार आते है। आपका ध्यान कभी पुरानी बातो पर जायेगा, कभी भविष्य की चिंता करेगा, कभी किसी दोस्त की कोई बात याद आ जाएगी। ऐसे में आपको खुद को लगातार इस बात का एहसास दिलाते रहना है की आप ध्यान की मुद्रा में हैं और आपको बस ऐसे ही बैठे रहना है। जब आप एक बार एक विचार को छोड़ते है तो मन स्वतः ही दूसरे विचार पर चला जायेगा। आपको बस एक विचार से दूसरे विचार तक पहुचने में जितना समय लगा उस समय पर ध्यान केंद्रित करना है अर्थात दो विचारो पर ध्यान देने की वजाय उनके बीच जितना समय बचा उस पर ध्यान देना है। एक बार जब आप इसको सही से करना सीख जायेंगे तब आप अपने मन को नियंत्रित कर पाएंगे।

5. निरंतरता बनाये रखना – Maintain continuity

अधिकतर लोग जो मेडिटेशन शुरू करते है वो इसके परिणाम इसलिए नहीं देख पाते है क्यूंकि वो इसे बीच में ही छोड़ देते है। ये एक ऐसा काम है जिसके परिणाम तभी नज़र आते हैं जब इसको रोजाना (regular) किया जाए। अगर आप ध्यान को regularly और पूरे मन से शुरू करेंगे तो आपको परिणाम जरूर देखने को मिलेगा। शुरुआत में आप 10-15 मिनट तक ध्यान (meditation) कर सकते है लेकिन बाद में इस समय को बढ़ाते जाइये ।

मेडिटेशन करने के 3 स्टेप – 3 Steps to Meditation

  1. साँसों पर ध्यान केंद्रित करें – Focus on breath
  2. इस दौरान आने वाले विचारों को जाने और अनदेखा करें – Realize and Ignore the thoughts coming all this while
  3. अनदेखा करने के बाद फिर से ध्यान आरम्भ करें – Focus again after ignoring

मेडिटेशन करने के लाभ – Benefits of meditation

1. concentration बढ़ाता है – High concentration

अगर बात की जाए meditation kaise kare aur uske fayde की तो मेडिटेशन का बहुत अधिक महत्व है खासकर स्टूडेंट्स के लिए क्यूंकि ये उन्हें उनकी पढाई पर ध्यान लगाने में बहुत मदद करता है। साथ ही साथ रोजाना इसका अभ्यास करने से खुद को बेहतर बनाने में भी मदद मिलती है और रचनात्मक शक्ति भी बढ़ती है।

2. बुरे विचारों को दूर करने में मदद करता है – Helps to relieve bad thoughts

दुनिया में आज शायद ही कोई ऐसा होगा जिसके मन में बुरे विचार न आते हो। ये ऐसे विचार होते हैं जिस से हर कोई छुटकारा पाना चाहता है लेकिन ऐसे विचार मन से निकलते नहीं हैं। ये सब इसलिए होता है क्यूंकि हमारा, हमारे मन पर कण्ट्रोल नहीं रहता और वो कुछ भी सोचने लगता है। लेकिन अगर आप रोजाना मेडिटेशन करते है तो आपको इस तरह के विचारो से मुक्ति पाने में आसानी होगी।

3. पूरे दिन सकारात्मक और खुश रखता है – Keeps all days positive and happy

इस भागदौड़ भरी ज़िन्दगी में खुश और सकारात्मक (positive) बने रहना थोड़ा कठिन कार्य है लेकिन अगर आप रोजाना मेडिटेशन करते हैं तो आपको चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। ये आपको पूरे दिन ऊर्जावान बनाये रखता है जिस कारण आप खुश और सकारात्मक बने रहते हैं। इसलिए पूरे दिन खुश रहने के लिए रोजाना मेडिटेशन जरूर करें।

4. मन को नियंत्रित करता है – Helps to control the mind

एक बार जब आप मेडिटेशन को अच्छे से समझ जाते हैं और उसको अपने जीवन में उतार लेते हैं। तब आपको अपने मन को भी समझने में आसानी होती है और मन में उपजे विचारो पर पूरा नियंत्रण स्थापित कर लेते हैं। बहुत बार आपका मन आपकी नहीं सुनता और कुछ भी सोचने लग जाता है। इस बात में कोई दोराय नहीं की बाहर घटित होने वाली घटनाओ पर हमारा नियंत्रण नहीं होता है लेकिन स्वयं के भीतर जन्मे गैरजरूरी-विचारो को हम नियंत्रित कर सकते है। यदि आपका, आपके मन पर नियंत्रण नहीं है तो आप मेडिटेशन जरूर कीजिये आपको निश्चित रूप से लाभ प्राप्त होगा।

5. क्रोध और ईर्ष्या को नियंत्रित करता है – Controls anger and jealousy

मेडिटेशन के द्वारा क्रोध और ईर्ष्या को भी नियंत्रित किया जा सकता है। आज के समय में जब लोग छोटी छोटी बातों पर अपना आपा खो  बैठते हैं। ऐसे में मेडिटेशन के द्वारा इन दोनों बुरी चीज़ो को नियंत्रित कर खुद को संभाल सकते है। हम अक्सर गुस्सा तब करते है जब हमारा, हमारे मन पर कण्ट्रोल नहीं होता। लेकिन वहीँ अगर हम जागरूक हो जाएँ तो गुस्सा और ईर्ष्या हमें छू भी नहीं पाएंगे।

6. मेडिटेशन शांत रहने में मदद करता है – Meditation helps to stay calm

किसी भी काम को बेहतर ढंग से अंजाम देने के लिए ये जरूरी है की आप उस काम को पुरे शांत दिमाग से अंजाम दें इस से वह काम बहुत अच्छे से होगा और आपको किसी भी तरह की परेशानी से नहीं गुजरना पड़ेगा। इसलिए शांत रहने के लिए रोजाना मेडिटेशन करना बहुत जरूरी है।

मेडिटेशन एक बहुत ही विस्तृत विषय है जिसमे आपको बेहतर परिणामो के लिए एक लम्बा इंतजार करना पड़ता है। इसलिए कभी भी मेडिटेशन को बीच में न छोड़े। एक बार जब आप इसके भीतर जाने लगते हैं तब आपका मन भी शांत होने लगता है। लेकिन इस स्टेज तक पहुँचने के लिए आपको एक लम्बा इंतजार करना पड़ सकता है। शुरुआत में हो सकता है, की आपको ऐसा लगे की आप समय नष्ट कर रहे है लेकिन यकीन मानिये जैसे-जैसे मेडिटेशन करने में आपका अनुभव बढ़ता जायेगा वैसे-वैसे आपको परिणाम भी नज़र आने लगेंगे। और ये परिणाम आपको आपके व्यक्तित्व (personality) में झलकने लगेंगे। मेडिटेशन (meditation) को कभी भी निराश होकर बीच में ही अभ्यास को न छोड़े।

उम्मीद करते हैं की how to do meditation for students और how to do meditation at home for beginners in hindi के विषय में आपको सम्पूर्ण जानकारी मिल गयी होगी। आज के समय में meditation kaise kare aur uske fayde को हर कोई जानना चाहता है ताकि वो अपनी शारीरिक और मानसिक सेहत को बेहतर कर सके। और ये जानना बेहद जरूरी भी है। आप भी ऊपर बताये गए मेडिटेशन (meditation) के तरीको को फॉलो कर अपनी एकाग्रता, चिंतन और ध्यान को बेहतर बना सकते हैं।

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